गांवों के 22 किसानों से 70 लाख की ठगी: धान खरीद के नाम पर आरोपी ने की धोखाधड़ी

जिले में एक सनसनीखेज मामले का खुलासा हुआ है, जिसमें धान खरीद के नाम पर किसानों को ठगी का शिकार बनाया गया। आरोपी आशीष अग्रवाल ने जिले के 7 गांवों के 22 किसानों से ग्रीष्मकाल का धान खरीदते हुए उन्हें 70 लाख रुपये का फर्जी चेक थमाया। लेकिन जब किसान इस राशि को भुनाने बैंक पहुंचे, तो उन्हें पता चला कि चेक नकली है और उनके साथ धोखा हुआ है। यह घटना किसानों के लिए एक बड़ा आर्थिक आघात साबित हुई, जिससे उनके रोजमर्रा के खर्च और खेती-किसानी की आवश्यकताएं प्रभावित हुई हैं।

पुलिस ने किसानों की शिकायत पर त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज किया और उसे हिरासत में लिया। जांच में पता चला कि आरोपी ने जानबूझकर नकली चेक का इस्तेमाल कर किसानों को लुभावने वादों से फंसाया था, जबकि उसके पास किसी भी प्रकार की वास्तविक राशि नहीं थी। कोतवाली पुलिस ने आरोपी को जेल भेज दिया है और मामले की गहराई से जांच शुरू कर दी है, जिससे किसानों की इस बड़ी रकम की भरपाई के उपाय किए जा सकें।

इस मामले पर राजनीतिक प्रतिक्रिया भी सामने आई है। कांग्रेस के विधायक ब्यास कश्यप ने इस घटना पर गहरी चिंता जताते हुए राज्य सरकार को आड़े हाथों लिया। उन्होंने कहा कि किसानों को उनकी मेहनत का उचित मूल्य नहीं मिल रहा है और यह ठगी राज्य की कृषि नीति की खामियों की ओर इशारा करती है। कश्यप ने राज्य सरकार से मांग की है कि ग्रीष्मकालीन फसल को भी न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर खरीदा जाए ताकि किसानों को किसी भी तरह की आर्थिक समस्या का सामना न करना पड़े।

यह मामला न केवल किसानों के साथ हुई आर्थिक ठगी का प्रतीक है बल्कि यह भी दर्शाता है कि किस प्रकार कृषि क्षेत्र में पारदर्शिता और सुरक्षा उपायों की आवश्यकता है। राज्य सरकार से भी अपेक्षा की जा रही है कि वह इस मामले में हस्तक्षेप करे और भविष्य में किसानों की सुरक्षा के लिए सख्त कदम उठाए, जिससे इस तरह की धोखाधड़ी से बचाव हो सके।