भगवान जगन्‍नाथ की विश्‍वप्रसिद्ध रथयात्रा आज ओडि़सा के जगन्‍नाथ पुरी में शुरू हो रही है

नई दिल्ली :- विश्‍वप्रसिद्ध पुरी रथयात्रा आज ओडि़सा के जगन्‍नाथ पुरी में शुरू हो रही है। भगवान जगन्‍नाथ, बलभद्र और देवी सुभद्रा के विग्रहों की नौ दिन की रथयात्रा में भाग लेने के लिये हजारों श्रद्धालु पुरी पहुंच रहे हैं। लगभग दस लाख लोगों के इस उत्सव में भाग लेने की आशा है। श्रद्धालुओं में भारी उत्‍साह है, कोरोना महामारी के कारण यात्रा दो वर्ष बाद हो रही है।

रथ यात्रा के सुचारू संचालन के लिए व्‍यापक सुरक्षा प्रबंध किए गए हैं। सशस्‍त्र पुलिस की 180 टुकडियां सुरक्षा प्रबंधों में तैनात की गई है। लगभग 50 सी.सी.टी.वी. कैमरों से निगरानी रखी जा रही है।

राष्ट्रपति राम नाथ कोविंद ने भगवान जगन्नाथ की रथयात्रा की शुभकामनाएं दी हैं। एक ट्वीट में श्री कोविंद ने कामना की कि महाप्रभु जगन्नाथ की कृपा से हरेक व्यक्ति के जीवन में सुख, शांति और समृद्धि रहेगी।

उपराष्‍ट्रपति एम. वेकैया नायडु ने रथयात्रा के अवसर पर पर लोगों को बधाई दी है। एक टवीट में नायडु ने कहा कि ओडिशा में भगवान जगन्नाथ की वार्षिक रथयात्रा ऐसा अवसर होता है जब सभी लोग इसके साक्षी बनने के लिए उत्साहपूर्वक एकत्र होते हैं। उन्‍होंने आशा व्‍यक्‍त की कि रथयात्रा से जुडे पवित्र और श्रेष्‍ठ आदर्शों से लोगों के जीवन में शांति और समरसता आएगी।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने लोगों को पुरी रथ यात्रा पर बधाई दी है। मोदी ने भगवान जगन्नाथ की कृपा से प्रत्येक व्यक्ति के लिये सुख -स्वास्थ्य की कामना की। उन्होने हाल में मन की बात कार्यक्रम में हमारी संस्कृति में रथ यात्रा के महत्व के बारे में साझा किये गये विचारों का भी उल्लेख किया।

गृहमंत्री अमित शाह ने कहा कि जगन्नाथ यात्रा श्रद्धा, आस्था और समर्पण का अद्भुत मेल है। उन्होंने भगवान जगन्नाथ से सबके जीवन में स्वास्थ्य, समृद्धि और सुख की कामना की।

सूचना और प्रसारण मंत्री अनुराग सिंह ठाकुर ने आशा व्यक्त की कि भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और सुभद्रा के आशीर्वाद से हरेक व्यक्ति का जीवन सुख, शांति और समृद्धि से भरपूर रहेगा।

गुजरात में, अहमदाबाद में भगवान जगन्‍नाथ की 145वीं रथ यात्रा पारम्‍परिक श्रद्धा और उल्‍लास के साथ आयोजित की जा रही है।

भगवान जगन्‍नाथ, बड़े भाई भगवान बलभद्र और बहन देवी सुभद्रा के रथ अपने पारम्‍परिक यात्रा मार्ग से गुंडिचा मंदिर तक जाएंगे। कोविड महामारी के कारण दो वर्ष के अंतराल के बाद यात्रा पूरी भव्‍यता से आयोजित की जा रही है।